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समझ से सुरक्षित स्वाभिमान। ।

                
                                                         
                            भारतीय लोकजीवन में महत्वपूर्ण
                                                                 
                            
दीपावली का आना,
प्रकृति के साथ सामंजस्य
मानव का बन जाना।
गोधन की पूजा-पाठ, अभिनंदन
अहंकार का शमन,
श्रीकृष्ण की कनिष्ठा उंगली
सात दिनों तक गोवर्धन।
गिरिधर से गिरधारीलाल
दूध से स्वास्थ्य रूपी धन,
गाय बैलों को गुड़ चावल
छप्पन भोग का मन।
सामूहिक भोज व मिठाई
पशुओं में गंगा सी गाय,
सम्पूर्ण मानव जाति हित
लक्ष्मी स्वरूपा गाय।
आदरणीय वंदनीय बनाता
अन्नकूट का यह पर्व,
देवराज को सच समझाए
गो गोपाल का प्रिय पर्व।।
गोवर्धन श्री कृष्ण उठाया
द्रोणाचार्य श्री हनुमान,
अभिमान चूर चूर ही होता
समझ से सुरक्षित स्वाभिमान। ।
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7 घंटे पहले

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