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दर्द हमें भी होता है !!!

                
                                                         
                            दर्द हमें भी होता है !!!
                                                                 
                            
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दर्द हमें भी होता है पर , आंसू ना बह पाते हैं।
हम बड़े हैं ना ! सब कुछ , चुपचाप सह जाते हैं।

बिना किसी दोष के भी ,
बच्चों के सामने झुक जाना । बच्चों के एक इशारे पर ,
चुपचाप वही रुक जाना ।

बार-बार नजरअंदाज होना ,
अपने स्वाभिमान को झुकाना ।
आंसुओं के सैलाब को रोकना ,
आंखों में ही सुखाना ।

झुकी कमर , बेबस निगाहें ,बंद जुबां ,
कुछ नहीं कह पाते हैं ।
हम बड़े हैं ना ! सब कुछ , चुपचाप सह जाते हैं !

जिसकी एक आवाज के लिए ,
हम कई साल तरसते थे।
आज उनकी जुबान हम पर ,
कोड़ो की तरह बरसते हैं ।

बगावत करने नहीं देती ,
रिश्तो की जंजीरें !
दूर जाने नहीं देती ,
बचपन की तस्वीरें !

कल तक रोटियां लाने वाले ,
आज आंसू पीकर रह जाते हैं ।
हम बड़े हैं ना ! सब कुछ , चुपचाप सह जाते हैं !

 
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एक घंटा पहले

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