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मैं हूँ नए जमाने का लड़का

                
                                                         
                            ‘मैं हूँ नए जमाने का लड़का'
                                                                 
                            

हाँ, मैं करूंगा खत्म पुरुष प्रधानता को,
मगर मेरे शुरू करने का तुम वक्त मुझे बताना।

तुम हो नए जमाने की लड़की,
गुरूर ये कभी अपने सर न चढ़ाना।

मैं हाथ बटाऊंगा रसोई में भी,
लेकिन तुम मेरे दुखों में भी साथ निभाना।

मैं करूँगा रोज़ साथ बैठकर भोजन,
तुम बस एक निवाला अपने हाथों से खिलाना।

मैं मिटाऊंगा हर डर तुम्हारा,
बस एक बार वो डर तो मुझे बताना।

मैं रखूंगा ख्याल तुम्हारा मासिक धर्म में,
तुम भी उन पुराने रीति रिवाजों को न बढ़ाना।

मैं दबाऊंगा पैर भी आकर माँ और तुम्हारे,
तुम बस समाज से सताये घर आए को न सताना।

मैं चलूँगा साया बनकर साथ तुम्हारे,
मगर तुम मुझसे अपना प्रेम तो जताना।

हाँ, मैं हूँ लड़का नए जमाने का,
रोऊं अगर कभी तो तुम ढांढस जरूर बंधाना।

हाँ, मैं करूंगा खत्म पुरुष प्रधानता को,
मगर तुम रहना मर्यादा में और मुझे भी सीखाना।

 
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2 घंटे पहले

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