भारत की एक कीमती शान,
है मेरा राजस्थान ।
महाराणा प्रताप जैसे सूरवीरों को भगवान मानते है हमारे ॥
मेरे जैसे मामूली से ने जन्म लिया है यहाँ सिर्फ तकदीर के सहारे ।
नाहरगढ़-जयगढ़ और चित्तौड़गढ़ जैसे विशाल किले है यहाँ पर ।
जो शान से करते हमारे सूरवीरों का इतिहास उजागर ॥
हल्दीघाटी और चित्तौड़ का जोहर कुंड उनका सबसे बड़ा प्रमाण ।
जो करता था-करता है और सदैव करता रहेगा हमारे सूरवीरों का सम्मान ॥
जो लोग कहते है क्या ही है इस सुखे राजस्थान में,
उन्हें बता दें कि खुनों की नदियाँ बही है यहाँ आत्मसम्मान में ॥
जो लोग कहते हैं यहाँ सिर्फ रेगिस्तान है तो,
सायद अभी उनको हमारे राजस्थान का अधूरा ज्ञान है ।
चंबल, सिंधु, बनास जैसी नदियाँ बहती है यहाँ पर और
गांधीसागर, कोटा बैराज और बीसलपुर करते है इस बात को उजागर ,
रणथम्बौर, सरिस्का, मुकुन्दरा जैसे ढेरों घने जंगल हैं यहाँ पर ,
लोग करते है सिर्फ रेगिस्तान है वहाँ पर ॥
यहाँ हर बड़े शहर को एक अलग नाम से जाना जाता है ।
पिंक सिटी, ब्लू सिटी, व्हाईट सिटी और गोल्डन सिटी के नाम से
उन्हे पुकारा जाता है ॥
माना की राजस्थान का काफी हिस्सा सूखा और वीरान है पर,
इंदिरा गांधी जैसी कई नहर सींच रही उनमें जान है ॥
हेरिटेज साइटों की तो यहाँ पर कमी नहीं और,
पर्यटकों की आवाजाही यहाँ कभी थमी नहीं ॥
जयपुर हेरिटेज और उदयपुर झीलों के लिए प्रसिद्ध है,
जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर भी घूमने के लिए खूब सिद्ध है ॥
माउंट आबू यहाँ बादलों के लिए मशहूर है और
जैसलमेर बिखेरता यहाँ अपनी सुनहरा नूर है ॥
बाँसवाड़ा में आदिवासी रहते हैं और
इसी को 100 टापुओं का शहर भी कहते हैं ॥
यहाँ का अजमेर जातिवाद को मिटाता है क्योंकि
पुष्कर महातीर्थ और अजमेर दरगाह इसी शहर के अधीन आता है ॥
करणीमाता, तनोट, सालासर, मेहंदीपुर, नीलकंठ और खाटूश्याम
मंदिरें राजस्थान के अंदर ही आते हैं,
जो प्रदेश की धार्मिकता को साफ़ दर्शाते हैं ॥
दाल-बाटी-चूरमा और कड़ी संगे बाजरे का रोइटला यहाँ खूब मशहूर है ॥
और निवेदन है आपसे आपके यहाँ एक बार तो आना ज़रूर है ॥
-स्वास्तिक
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X