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नया साल आया है

                
                                                         
                            इक नयी राह दिखाने
                                                                 
                            
परेशानियों के कोहरे में घाम की किरण दिखाने
इस भरे समंदर की प्यास बुझाने
नया साल आया है
नया साल आया है

तुमको इक नया सपना दिखाने
जीवन को नया रूप दिलाने
कुछ नयी यादें बनानें
तो कुछ पुराने सपने सजाने
नया साल आया है
नया साल आया है

तो खुल कर जी लो इस पल
क्या पता फिर मिलें न मिलें कल
जो सपना है उसे पूरा करके दिखाओ
और इस तरह ज़िन्दगी के रंग में रम जाओ
क्योंकि नया साल आया है
नया साल आया है

-सुशान्त


- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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6 वर्ष पहले

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