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क्योंकि अब सरकार ही अख़बार है और अख़बार ही सरकार।

                
                                                         
                            अपनी आवाज़ ख़ुद उठाओ,
                                                                 
                            
अगर चाहिए तुम्हें अधिकार,
क्योंकि अब सरकार ही अख़बार है
और अख़बार ही सरकार।
-सूर्यांश रीतमा
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39 मिनट पहले

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