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पर्यूषण पर्व

                
                                                         
                            पर्यूषण पर्व
                                                                 
                            
पर्यूषण पर्व आया
सात्विक भाव और
व्यवहार को सुधारने
प्राणी मात्र से क्षमा
मांगने का सुअवसर
आया है।
अंतरावलोकन औ
आत्म आलोचना को
आंकने का अनुपम
सोपान आया।
जैन धर्म ध्वजा
फहराने ऑ निहारने
का स्वाति बूंद सा
भादों में मौसम आया।
जैन तीर्थंकरों की शिक्षाओं
से,
हिंसा,युद्ध,आतंक
और महाशक्तियों
की धौंस को
संघ शक्ति और
सत्याग्रह से
नकारने का पावन
पुनीत पर्व आया।
लो अब की बार
फिर से पर्युषण
पर्व आया।
-सूर्यकांत शर्मा
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4 दिन पहले

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