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अवसाद

                
                                                         
                            रात को जागना ,
                                                                 
                            
दिन को सोना
पुरानी बातों को ना भूल पाना
मीठी यादों को
याद कर वक़्त गुजारना
नई चीजों से ऊब जाना,
पुरानी को संभाल रखना

ज़िंदा लोगो से बेरुखी,
मरों को याद कर रोना
किसी की याद में ,
बात बात पर सिगरट सुलगा लेना
खाना बनाना,
फिर भूखे पेट सो जाना

रात को सपने में
हवा में उड़ना,
पानी में तैरना
दुनिया के दूसरे कोने में अपनो को ढूंडना।

देख पुरानी तस्वीर मुस्करा देना
फिर बिछड़ों को याद कर  रो लेना।
पैदल चलते चलते ख्यालों में खोए
मीलों घर से आगे निकल जाना।
बता साथी!!!

"मै अवसाद में हूं, या अवसाद मुझ में!"

"यूं खुशियां देख , मुस्कराते चहरे देख
अपना मुंह ना फेर लिया करो , यारों!!
बिना वजह भी हाल पूछ लिए करो;
झूठी मुस्कराहट
मुस्कराते नकाब के पीछे
ना जाने कौन सा गम;
कोई  दिल में दबाकर बैठा है!!!"

- सूर्या गोल्डी
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2 वर्ष पहले

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