पुराने कपड़ों में यार मिल जाए तो कन्नी मत काटना,
चार लोग बुराई करे तो, यार गलत है ऐसा मत समझना।
दुनिया में हर कोई दौलत कमा नहीं पाता है,
पैसे नहीं है तो, यार लल्लू है ऐसा मत समझना।
चोट हमें भी लगती है, हम पत्थर के हैं ऐसा मत समझना,
तुम मुंह मोड़ लोगे,तो हम तड़पेंगे ऐसा मत समझना ।
अपनी राह अपनी मंजिल खुद ही बनाते हैं ,
दूसरों को सीढ़ी बनाकर चमकेंगे,ऐसा मत समझना।
-सुरेश सिरोहिया
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