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संतोष ही सच्चा सुख

                
                                                         
                            सच ही,
                                                                 
                            
कहा गया है कि - -
सुकून या ,
बेहतर जीवन के - -
आस या ,
चाहत में - -
या यों कहे तो,
उसकी तलाश में - -
सुबह से,
शाम हो गयी - -
यह भी,
पता नहीं चला कि - -
इसी उहा -पोह में,
सारी उम्र भी - -
गुजर गयी l

इसी क्रम में,
जहाँ - -
दूसरों को समझाना,
मुश्किल हो जाय - -
या मुश्किल होता है,
वहाँ खुद को - -
समझ लेना ही,
बेहतर होता है l

सफलता सबको,
भाता है - -
या यों कहे तो,
सफलता या - -
सफल जीवन,
सबके लिए - -
आवश्यक ,
या जरुरी भी है - -
लकिन ,
संतुष्ट जीवन - -
सफल जीवन से भी,
बेहतर होता है - -
क्योंकि ?
हमारी सफलता,
दूसरों द्वारा - -
मापी जाती है,
वहीं हमारी - -
संतुष्टि ,
हमारे मन - -
और ,
ह्रदय द्वारा - -
मापी जाती है l
-सुरेश कुमार झा 'अल्हर'
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एक घंटा पहले

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