किसी ने ,
सच ही कहा है कि - -
इंसान को,
सदैव सहज - -
और ,
सरल होना चाहिए - -
ताकि ,
सब आपसे - -
मिल - जुल सके,
और आप भी -
सरलता से ,
सबसे हिल - मिल - -
सके ,
और - -
पानी की तरह ,
तरल रहे - -
ताकि आसानी से ,
आप भी - -
सबमें घुल सके l
यह भी ,
सोचने पर - -
मजबूर कर ,
देते हैं कि - -
जीवनरुपि यात्रा के,
पड़ाव में - -
उम्र का ,
महत्वपूर्ण रॉल (भूमिका ) - -
होता है ,
उदाहस्वरूप - -
जीवन के एक ,
पड़ाव या - -
उम्र में ,
रंग - रूप के प्रति - -
खास आकर्षण ,
होता है - -
अर्थात् ,
एक उम्र में - -
सिर्फ रंग -रूप ,
महत्वपूर्ण होता है l
जीवन में,
एक पड़ाव या - -
उम्र ऐसा भी ,
आता है कि - -
आचार - विचार ,
भी महत्वपूर्ण - -
हो जाता है l
इसी क्रम में - -
जीवन में ,
एक पड़ाव या - -
उम्र ऐसा,
आता है कि,
किसी के साथ होना - -
या साथ रहना,
महत्वपूर्ण - -
हो जाता है l
इस प्रकार ,
जितना सहज - -
और ,
सरल जीवन रहेगा,
उतना ही - -
जीवनरुपि यात्रा,
सरलता या - -
सुगमता से ,
कटेगा l
-सुरेश कुमार झा 'अल्हर'
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