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बचे पल खुलकर जी लो

                
                                                         
                            सच में ,
                                                                 
                            
कल का - -
क्या भरोसा ,
जो पल बचा है - -
उसे हँस बोलकर,
या खुशनुमा - -
बनाकर बिता लो l

कारण ,
बुरा वक़्त - -
या मौत ,
कब आ जाय - -
पता नहीं चलता,
इसलिए - -
आज जो ,
हमारे पास है - -
उसे संभालकर ,
रखना चाहिए - -
ओर ,
उसी में - -
खुश रहना चाहिए l

सचमुच ,
कल का - -
क्या भरोसा ,
कल हम रहे - -
ना रहे ,
या यों कहे - -
कल न होगा ,
गिला -:सिकवा - -
केवल ,
सिमटी हुई - -
यादों का ,
सिलसिला होगा l

इसलिए ,
जो पल - -
आपके पास बचा है ,
उसे ही हँसकर जी लो - -
या सुकून या,
सहजता से - -
बिता लो ,
क्योंकि ?
कोई नहीं - -
जनता है कि ,
कब जिंदगी का - -
क्या ?
फैसला होगा l
-सुरेश कुमार झा 'अल्हर'
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1 hour ago

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