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असफलता एक पड़ाव

                
                                                         
                            सच में ,
                                                                 
                            
सफलता - -
पाने के लिए,
असफलता रूपी ,
सौपान को - -
जरूर पार,
करना होता है - -
कहा भी ,
गया है कि - -
हर सफल आदमी,
पहले कई बार - -
असफलता का,
स्वाद चखा - -
तब जा कर,
सफल हुआ l

जरूरी नहीं है कि,
हर बार - -
मनमाफिक फल ही,
मिल जाय - -
ऐसा नहीं होता ,
कर्म करने के - -
वाबजूद असफलता,
हाथ लगता है - -
और ,
निराशा हावी - -
होने लगता है,
निराशा हावी होने से - -
वह दुःखी रहने,
लगता है - -
फिर भी ,
उसके भीतर - -
एक चीज ,
जो बिल्कुल ही - -
जिन्दा रहता है,
वह है - -
फिर से ,
उठने की ताकत l

सचमुच ,
हार या - -
असफलता तो,
मानो एक पड़ाव - -
होता है ,
कहा भी - -
गया है कि ,
जब तक सांस - -
तब तक आस,
अर्थात् - -
जब तक सांस ,
चल रही है - -
उम्मीद की किरण,
प्रसफूटीत होने की - -
संभवना रहती है l

अंत में ,
यही मानके - -
चलना है कि ,
असफलता तो - -
एक पड़ाव है ,
हमे उस पड़ाव को - -
पार कर,
सफल होना है l
-सुरेश कुमार झा 'अल्हर'
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एक घंटा पहले

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