करें सहयोग मिलकर सब सफलता हाथ आएगी।
सरल हर राह होगी जिन्दगी भी मुस्कुराएगी।
मनों में भावना सहकार की विकसित करें हम सब।
नहीं तो व्यर्थ में ही यह जवानी बीत जाएगी।
छोड़ कर भय हम विजय की राह पर निज पग धरें।
एक दूजे के लिए शुभ भावना मन में भरें।
भावना सहकार की हो फिर असंभव कुछ नहीं।
सब बढ़ें कर्तव्य पथ चिंता नहीं फल की करें।
-सुरेन्द्रपाल वैद्य
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