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जहां का कोई रिश्ता साथ अब जाता नही देखो

                
                                                         
                            शहर, कस्बा हमारा याद क्यों आता नहीं देखो
                                                                 
                            
न जाने क्यों मकां अब गाँव का भाता नहीं देखो
हृदय की पीर गाए तो भी मुस्काते हैं जग वाले
जहां का कोई रिश्ता साथ अब जाता नही देखो

 
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11 minutes ago

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