झूठ को लोग सच मानकर, रिश्ते निभा जाते हैं,
सच बोलो तो अपने भी, झूठा बता जाते हैं।
अजीब दस्तूर है इस दुनिया का यहाँ सच की कोई कीमत नहीं,
झूठ पर तालियाँ बजती हैं, सच पर लोग खामोश हो जाते हैं।
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