इजाज़त है तुम्हें फिर से नया इक हादसा कर दे
हुनर वो सम्त जो दरवेश को भी बादशाह कर दे
तुम अपनी बद्दुआ बदले लिए जाओ दुआ मुझसे
ख़ुदा तुम पर मेरे हिस्से की खुशियाँ भी अता कर दे
-सूरज "पथिक"
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