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एक शहर है

                
                                                         
                            एक शहर है
                                                                 
                            
जहां,
यहां - वहां
कहां,
जाना
चाहिए?
एक शहर है।
जहां
सिलवटें
सीलने
हर कदम
हर जगह
व्याप्त हैं
एक शहर है
क्या शहर है?
क्या कहूं?
कहूं,
तो क्यों?
मगर कहना है
इस शहर में
कब तक रहना है...?
वे कहेंगे
क्या कहेंगे
हम रहेंगे
कब तक आखिर
शहर में...
हां,
हम्मम
सोचो
सोच, लो
शहर में..

~ सूरज चौबे
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
6 घंटे पहले

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