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उन धनवानों में

                
                                                         
                            खोजा हमने जगह जगह यह कइयों ठौर ठिकानों में
                                                                 
                            
मिला हमें तो जीवन लेकिन निश्चल सी मुस्कानों में

आही जाती महक प्रेम की बस इसको महसूस करो
लाख इसे रख देखो चाहे बंद कई तह खानों में

करना आया जिन्हें समर्पण बिना लोभ और लालच के
जिंदा देखे हैं हमने वह सदियों तक अफसानों में

मीठी बोली के बल कोयल हरे हीय ही हर एक का
मीठा शरबत भर देती है वह मानो मन प्रानों में

कर देगा आलोक मदद तू जिन्हें जरूरत बहुत अगर
गिनती तेरी भी तो होगी सच्चे उन धनवानों में
-आलोक
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4 महीने पहले

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