नफरत भरी कभी...
ऐसी आग ना लगाना
ना किसी की जिंदगी
ना किसी का घर जलाना
ये वक़्त का कर्मा है
जो लौट कर आता है
जो चले गये जहान से
वो कभी नहीं आता है
घर उसका जलाये हो
कल खुद का भी जलेगा
वो वादे, वो बाते, वो यादे
इस धारा पर धरा रह जाएगी
ये कर्मों का कर्मा है यारो
जिससे कोई बच नहीं पायेगा!!
- एस.यादव
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