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कलाकारी जिन्दगी की

                
                                                         
                            अभी ना हारा हूँ मै ना अभी ठहरा हूँ
                                                                 
                            
जिन्दगी के रास्तों पर चलना जारी है
जो खो गई है कहीं मेरी बची हुई खुशियाँ
उनकी तलाश अभी जारी है !!

रुकावटे बनती है उनको पार करने को
तोडना अभी जारी है
मुश्किलों को पार करना पड़ता है
अब इनसे लड़ने की बारी है !!

पा कर ख़ुश हो जाना बिना चुनौती के
उसे संभाल कर रखना बड़ा भारी है
मेहनत से जो पाया जाए
किमत उसकी समझना ही जिम्मेदारी है !!

जिन्दगी की डगर का कारवां
आसन मत समझना सुनील
ये ही तो जीवन की रंगदारी है
सुख दुःख एक पहलू के सिक्के है
इन्हें उछालना ही तो कलाकारी है !!

- सुनील कुमार डाबोदियां 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
9 घंटे पहले

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