आईने से पूछा जब हाल अपना,
बताने लगा आईना हाल अपना।
दोस्त, तुमसे क्या छुपाएँ आज हम,
तुमसे भी ज़्यादा बुरा है हाल अपना।
चेहरा हँसता है मगर आँखें नम हैं,
किससे कहें अब दिल का हाल अपना।
लोग समझते हैं बहुत खुश हैं हम,
कौन समझेगा भला हाल अपना।
आईना भी देखकर चुप हो गया,
जब उसे दिखने लगा हाल अपना।
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