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बेचैन ... राम- रहीम

                
                                                         
                            इधर राम बेचैन है
                                                                 
                            
उधर रहीम बेचैन है !!

राम के यहाँ, रहीम को खतरा
और रहीम के यहाँ, राम को खतरा !!

अजीब है, समझ नहीं पा रहे हम
न राम को
और न रहीम को !!

अरसो बीत गए, नहीं बटती घर घर
ईद पर सेवईंयां
और दिवाली पर मिठाइयां !!

सीखा था सभी धर्म-भगवान् एक है
फिर अचानक सभी अलग अलग कैसे हो गए
ईश्वर-अल्लाह एक और धरम अलग अलग हो गए !!

आओ सभी एक हो जाएँ
और सब मिलकर राम-रहीम को बचाएं !!

कुछ तुम करीब आओ, कुछ हम करीब आएं
आओ मिलजुल कर राम-रहीम का देश बनायें !!
 
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4 वर्ष पहले

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