ये देखो आज आई हमारे यहां ये मुस्काती पवने है,
जब बहती तो देती मन को शांति ये मुस्काती पवने,
अपने साथ लाई बच्चों की भांति काला टीका लगा के बादलों को ये मुस्काती पवने,
मंद मंद मुस्काती पवने पेड़ों और धानो को भी अपने साथ नचाती, इन्हें सुनने में लगे झरना पर देखने में समुद्र की लहरें,
किसी के बुलाने की आशय या ओम जाप करती ये पवने,
मन को शीतल कर दे ये मुस्काती पवने।।
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