जो तुमने उसकी आंखों के अन्दर नहीं देखा
मैं मानता तो फिर तुमने समंदर नहीं देखा
गर इश्क़ में तुम सिर्फ मजनूं की बात करते हो
तो तुमने इश्क़ में डूबा कलंदर नहीं देखा
-सुखप्रीत सिंह "सुखी "
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