ऐसा नहीं कि मैं लाजवाब नहीं,
बस मैं कामयाब नहीं।
कामयाबी सारे बंद दरवाजे खोल देती है,
कामयाबी औरों से कामयाब इंसान की
अच्छाईयां बोल देती है।
कामयाबी लोगों को खींच लाती है,
कामयाबी संघर्ष की कहानी बनाती है।
गर कामयाबी मेरी होती
तो लोगों की नज़रो मे ,मैं भी लाजवाब होता,
मेरे हर एक संघर्ष का हिसाब होता।
कामयाबी को तकदीर कहूं या क्या कहूं?
जाने क्यों ये मेरे हिस्से में आई ही नहीं,
ऐसा लगता है जैसे मैं इसके लिए था ही नहीं।
ऐ कामयाबी क्या कहूं तुझसे
तेरा जवाब नही,
मैं काबिल हूं कामयाब नहीं।
- सोनम
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