आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

महत्वपूर्ण है हिन्दी

                
                                                         
                            डूबी जा रही अपनी भाषा ,
                                                                 
                            
अपने ही देश में।
फिर से आएं हैं अंग्रेज,
अंग्रेजी के वेश में।

अच्छा है औरों की संस्कृति से
कुछ अच्छा अपनाना,
पर क्या शोभनीय है ?
अपनी राजभाषा को कुछ न समझना ,
उसे अपनाने से कतराना।

हिन्दी नहीं तो हम नहीं,
इस बात की ओर कितनो का ध्यान है ?
हिन्दी केवल एक भाषा नहीं,
हिन्दी हम हिन्दुस्तानियों की पहचान है।
- सोनम

 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
11 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर