हर दुख को खुद सहकर हमें सुख देती है माँ,
भींगे बिस्तर पे खुद सोकर हमें सुखे में सुलाती है माँ।
पुराने कपड़े खुद पहनकर हमें नए कपड़े देती है माँ,
अपने सारे शौक त्याग कर हमारे शौक पूरी करती है माँ।
भले ही पूरी दुनिया खिलाफ खड़ी हो,
हमारे साथ अकेली खड़ी रहती है माँ।
भूल जाओ इस संसार को,
क्योंकि हमारी तो पूरी दुनिया है माँ।
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