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माँ सिर्फ माँ होती है

                
                                                         
                            बच्चे की रूह, कद्र, बेसब्री
                                                                 
                            
की दवा होती है
माँ सिर्फ माँ होती है

माँ अनन्त... माँ संत
माँ दिल... फेफड़ा, हवा होती है
माँ सिर्फ माँ होती है

बेकद्री के दौर में... जीवन के हर ठौर में
माँ उन्नति का आशीष लिए दुआ होती है
माँ सिर्फ माँ होती है

विपदा की बारिश में... देवताओं से सिफारिश में
माँ अग्रणी सभी में सदा होती है
माँ सिर्फ माँ होती है


माँ साकार....बाकी सब निराधार
माँ असल में समूचा जहाँ होती है
माँ सिर्फ माँ होती है

माँ भूख..... माँ भोजन
जिसकी दुआएं अनन्त
और तृप्ति अनन्त योजन
माँ जहाँ के हर कोने में
मकां होती है
माँ सिर्फ माँ होती है

माँ मन ज्ञानी... माँ आगम जानी
वात्सल्य की देवी साक्षात् भवानी
माँ महज शब्दों में......
कहाँ बयां होती है
माँ सिर्फ माँ होती है

लिखने चला है मन
करके बहुत मनन
शब्द कम पड़ रहे हैं....
कैसे बताऊँ
के माँ क्या - क्या - क्या होती है
अंत में यही लिखता हूँ
माँ सिर्फ माँ होती है
-सिद्धार्थ गोरखपुरी
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3 महीने पहले

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