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होली में

                
                                                         
                            सइयाँ जनि आइहो टोली में
                                                                 
                            
हाँ, अबके बार के होली में

रंग लगाइब तोहें रिझाईब
प्रीत भरल कई गुझिया खियाईब
प्रेम रंग के ग़ुलाल लगाइब
प्रीत बसल रहीं रोली में
सइयाँ जनि आइहो टोली में
हाँ, अबके बार के होली में

एकल मिलन मधुर फागुन में
कान्हा रंग जैसे जामुन में
प्रेम उमड़ -घुमड़ के छलकी
नयन - नयन के बोली में
सइयाँ जनि आइहो टोली में
हाँ, अबके बार के होली में

राधा - कान्हा अस प्रेम में बूड़ल
प्रेम अलावा कुछ ना सूझल
शब्द शहद निरंतर टपकी
हमन के हँसी ठिठोली में
सइयाँ जनि आइहो टोली में
हाँ, अबके बार के होली में
-सिद्धार्थ गोरखपुरी
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5 महीने पहले

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