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अभी कहां

                
                                                         
                            महाप्रलय के गर्भ में महाविनाश शेष है
                                                                 
                            
महासमर के बाद भी अनंतकाल शेष है
विनाश की कुबुद्धि में विकास का विलय हुआ
अभी कहां अभी कहां अभी कहां प्रलय हुआ

अभी तो वर्ष शेष हैं समूल के विनाश में
स्वधर्म भी बचा हुआ अधर्म के विकास में
मंदिरों में नाद है व आलयों में भक्ति भी
परोपकार है बचा शिवालयों की शक्ति भी
अभी नहीं मनुष्य के विनाश का समय हुआ
अभी कहां अभी कहां अभी कहां प्रलय हुआ

मानवों के रक्त से मही अभी सनी नहीं
प्रचंड अग्नि वेग से वसुंधरा जली नहीं
धरा अभी धंसी नहीं आसुरी प्रलाप से
मेदिनी भरी नहीं मेघ के विलाप से
द्वादशादित्य का अभी कहां किधर उदय हुआ
अभी कहां अभी कहां अभी कहां प्रलय हुआ

सर से सर लड़े कहां धड़ के धड़ कटे कहां
कहां गिरा लहू अभी अभी सभी मिटे कहां
श्रेष्ठता की होड़ में ये भूमि भी फटी नहीं
बूंद बूंद रक्त से ये मृत्तिका सजी नहीं
अभी नहीं त्रिनेत्र में नष्ट सृष्टि का विनय हुआ
अभी कहां अभी कहां अभी कहां प्रलय हुआ

अभी कहां दयालु ने स्वदृष्टिपात है किया
समस्त सृष्टि वृन्द का कहां निपात है किया
अभी तो चिन्ह मात्र है अखण्ड दिव्य सत्य का
भविष्य के विनाश के क्षणिक विचित्र सत्य का
अभी कहां शयान नारसिंह का उदय हुआ
अभी कहां अभी कहां अभी कहां प्रलय हुआ


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6 वर्ष पहले

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