शनि अब कृपा करो हम पर,
रख दो अपना हाथ सिर पर,
दुःख की घटाएँ दूर करो तुम,
जीवन में उजियारा भर दो तुम,कर्मों का हम मान रखें,
सच्चाई का सम्मान रखें,
जो राह कठिन हो थाम लो तुम,गिरते को आकर संभालो तुम,मन में विश्वास जगा दो प्रभु,हर भय को आज मिटा दो प्रभु,
सूनी आँखों में स्वप्न सजा दो,बुझते दीपक फिर से जला दो,तेरी दृष्टि जहाँ पड़ जाए,काँटा भी फूल बन जाए,तेरी छाया साथ रहे तो,
हर संकट की रात ढले तो,
न धन चाहें, न मान चाहें,
बस चरणों में स्थान चाहें,
कर्म हमारे शुद्ध रहें बस,
मन में तेरे नाम रहें बस,
हे शनिदेव, इतनी दया करो,
अपने भक्तों पर कृपा करो,
दुःख हर लो, सुखधाम करो,
शनि अब कृपा करो हम पर।
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