कर्मठ , विदुषी , शशि स्यामल कोमल,
भाव हृदय जिनकी ये सब उपमा थी।
जिनके स्वर से संसद भी गूंज उठा हो,
ऐसी विराट स्वरूपा हिन्द की सुषमा थीं।
~Shivsagar Sahar
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