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                            क्यों रोते हो बेरोज़गारी को
                                                                 
                            
तरीक़े तमाम हैं कमाई के
विकल्प नंबर एक-
राजनीति में लो प्रवेश
धन होगा इतना कि
जीवन भर करोगे निवेश
विकल्प नंबर दो-
बन जाओ कोई बाबा
गुरू कथावाचक
डर के नाम पर,धर्म के नाम पर
करलो मुट्ठी सबकुछ दान के नाम पर
विकल्प नंबर तीन-
बनो पत्रकार करो ब्लैकमेल
ऐंठो रुपया खेलो मज़े का खेल
विकल्प नंबर चार-
न्यूज़ चैनलों के बनो एंकर
फैला दो नफ़रत का मंज़र
मुस्कुराते रहो सबको भड़काकर
घोलकर बस मज़हबी ज़हर
कोई कार्यवाही न होगी तुम पर
लगाम न कसी जाएगी तुम पर
सत्ता पक्ष विपक्ष सब डरेंगे
बिन माँगे तेरी तिजोरी भरेंगे
विकल्प नंबर पाँच-
पाँच सौ रुपए दिन के हिसाब से
नेताओं की रैली मे जाओ
नारेबाज़ी करो पत्थर बरसाओ
विकल्प नंबर छः-
अनाप शनाप बक दो
यूट्यूब पर व्लोग बनाओ
टिकटोक पर पागलपन दिखाओ
और झटपट फ़ेमस हो जाओ
और आख़िरी विकल्प-
बिल्कुल मक्कार हो जाओ
बेशर्म हैवान बन जाओ
दौलत का बिस्तर बिछाओ
चैन से उस पर सो जाओ

शिवम् खरे
पन्ना, मध्यप्रदेश
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4 वर्ष पहले

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