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क्या तुम भूल गए

                
                                                         
                            क्या सिर्फ गांधी नेहरू ने ही आज़ादी दिलाई थी
                                                                 
                            
भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव की शहादत
क्या कुछ कम न आई थी
क्या आज़ाद की उस गोली ने
तुम्हे आज़ादी न दिलाई थी
अशफ़ाक़ बिस्मिल की सहादत
को क्या तुम भूल गए
उन नवजवानों को तुम भूल गए
जो हस्ते हस्ते फांसी के फंदों पर झूल गए
क्या तुम भूल गए शास्त्री बोस के दिए हुए नारो को
क्या तुम भूल गए भारत माँ की आंखों के तारो को
क्या भूल गए जब हिंदुओ को काटा गया था
भूल गए जब हमारे भारत को बाटा गया था
क्या भूल गए जब उन पाकिस्तानियों ने
हिंदुओ की लाशें भेजी थी
तब भी गांधी ने अहिंसा की भाषा बोली थी
सन 48 में गांधी की वो आखिरी बोली थी
गांधी के सीने से उतरी गोडसे की वो गोली थी
कहता है "गर्गवंशी" गोडसे ने किया सही
वरना आज भारत हिन्दू राष्ट्र होता नहीं
क्या तुम भूल गए जब नेहरू ने दोस्ती के लिए
कश्मीर दांव पर लगाया था
क्या तुम भूल गए सन 65 जब नेहरू ने
हमारे वीर सैनिको को वापस बुलाया था
इन सबके परिणाम में हमने PoK गवाया था
कहता है "गर्गवंशी" गांधी नेहरू सिर्फ अपनी
राजनीति चमकाई थी
उनसे ज्यादा वीरो की सहादत काम आयी थी
दुख इस बात का है इतिहास में
गांधी नेहरू को महान बताया है
पर सच वो है जो मैंने तुम्हें बताया है
आओ अपने देश का सही इतिहास पढ़े
वीरो को जाने और उनके पथ पर आगे बढ़े
- गर्गवंशी
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3 वर्ष पहले

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