अभी मंजिल बहुत दूर हैं,
अपने को न चकना चूर कर,
नींद को तू त्याग दे,
बस तू मेहनत कर।
भूल जा इन खुशियों को,
अब गमों का आदर सत्कार कर,
अभी मान न तू हार प्यारे,
खुद पर तू विश्वास कर,
अभी मंजिल बहुत दूर हैं,
बस तू मेहनत कर ।
जो देखा सपना तूने बचपन में,
उस सपने को तू साकार,
लोग तुझे कमजोर कहते रहेंगे,
खुद को तू मजबूत कर,
अभी मंजिल दूर है,
बस तू मेहनत कर
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