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वो ख़ुद ही जाने!

                
                                                         
                            काऊ  घर होवे सौ सौ हाथी
                                                                 
                            
काऊ के एक बुकरिया नाई
काऊ दरवाजे सौ सौ गाड़ी
काऊ के  साइकिलया नाई
काऊ  के ठाडे मेल दोमेल
काऊ के एक मड़ैया नाई
काऊ के आंगन दो दो पूत
काऊ के एक बिटरिया नाई
काऊ के खेलें सौ सौ नाती
काऊ के कोई  रुबाइयां नाई
काऊ के चलवे तोप बंदूक
काऊ के एक फुकनिया नाई
जैसे बाँटे वो खुद ही जाने
हलदौना कोई पूछिया नाई

- शैलेंद्र शुक्ला"हलदौना"
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11 घंटे पहले

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