अजनबी उसकी आँखें देखकर पलकें मैं अपनी झुकाता हूँ,
सोचता हूँ — देखकर शर्माए वो मुझको,
पर देखकर उससे मैं शर्माता हूँ।
आरज़ू और तमन्ना इतनी-सी है मेरी — बस ये उल्टा हो जाए,
देखकर शर्माए मुझको वो, और मुझपे वो फ़िदा हो जाए।
काश! एक ऐसा पल आए मेरी ज़िन्दगी में अगले साल,
कि उसी के साथ मेरा निकाह हो जाए।
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