सड़कें हैं वीरान,
शहर बना मैदान,
बना ग्लेशियर काल,
पिघल रहा चट्टान,
कुदरत से खिलवाड़,
आफ़त में है जान,
जल धारा के सामने,
टिका न आलीशान,
त्राहिमाम का शोर,
मौन चीन भूटान,
संकट में दे साथ,
भारत देश महान,
मानवता हो लक्ष्य,
करो नित्य संधान,
'गुंजन' मन में क्षोभ,
प्रभु करना कल्याण,
--शशि भूषण मिश्र 'गुंजन'
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