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सड़कें हैं वीरान

                
                                                         
                            सड़कें हैं वीरान,
                                                                 
                            
शहर बना मैदान,

बना ग्लेशियर काल,
पिघल रहा चट्टान,

कुदरत से खिलवाड़,
आफ़त में है जान,

जल धारा के सामने,
टिका न आलीशान,

त्राहिमाम का शोर,
मौन चीन भूटान,

संकट में दे साथ,
भारत देश महान,

मानवता हो लक्ष्य,
करो नित्य संधान,

'गुंजन' मन में क्षोभ,
प्रभु करना कल्याण,
--शशि भूषण मिश्र 'गुंजन'
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23 मिनट पहले

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