यहां मना है
लोग पूछेंगे तुम्हारा नाम पता
जोर से रोना मना है अब यहां
लोग पूछेगें तुम्हारा धर्म पेशा
आदमी हैं कम ज्यादा पेशेवर हैं
संकल्प और व्यापार उनका है अलग
जिन्दगी अब फतवा और आदेश है
बोल धीरे बोल,हवा पर विश्वास न कर
झूठ का साम्राज्य में किसका भरोसा
बेशर्मी वेहयापन की होड़ मची है
दया करूणा इमान सब बेमानी हुए है
संकृति और आचरण के अर्थ वे हैं
कला और इतिहास की हैं वे दिशाएँ
मान बस उनका कहा जाना मान तू
जोर से मत रो यहां रोना मना है
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