हृदय विहीन हत्यारों को लेकर आओ।
सिन्दूरी उर्जा दौड़ती रगों में, दिखाओ।।
खून-पानी एक साथ नहीं बह सकता।
ट्रेड-टेरर साथ-साथ नहीं चल सकता।।
युद्ध विराम हमारी शर्तों पर हो देखेंगे।
फड़कती भुजाओं को तब हम रोकेंगे।।
धुंआधार बैटिंग हम तो खूब कर रहे थे।
हर बॉल पर चौका-छक्का जड़ रहे थे।।
तभी ट्रेड़ की कहीं से एक गुगली आयी।
बॉलिंग रूल बता अम्पायरी दिखलायी।।
एक छोर का खिलाड़ी हुआ क्लीन बोल्ड।
दूसरे छोर का रन पे रन बना ले गया गोल्ड।।
कामेंटेटर चिल्ला रहा था, अश्वत्थामा हतो..!
गोदी में घुमा रहे थे लोग, मानो रोड़ शो हो..!
एयर पोर्ट पर प्रभु श्री राम मुझे मिले..
-प्रभु आप यहां? मैनें पूछा।
-पुष्पक विमान मंगवाया है।
-सब तो दर्शन को यहीं आते।
-फिर भगवन, आप कहां जाते?
-उसे ढूंढने जा रहा, जिसने उंगली पकड़ मुझे यहां लाया।
-वोट के चक्कर में निर्माणाधीन भवन में
शिफ्ट कराया।
जिसके पल-पल ड्रेस बदल जाए,
शायद प्रभु भी उन्हे पहचान पाए..!
-और भगवन, आपका तीर-धनुष?
-चुनाव के समय मांग बढ़ जाती है..!
छीना-झपटी में कमान किसी के पास, और तीर किसी के हाथ लग जाती है..!!
इस तीर से उस तीरे निशाने भाती है।
आपसी सौहार्द में ज्यादा धार्मिक हो रहे हैं ।
मस्जिदों के सामने भी वे सर झुका रहे हैं।
क्या पता यहीं से भगवान निकल आएं।
नए शोध में गड्ढे ही खोद कुछ पा जाएं।
आज का औरंगजेब इतना कीचड़ में सना होता..!
वाशिंग मशीन वाली पार्टी ज्वाईन कर स्वच्छ हो गया होता..!!
किसी को आप कुछ भी कह लो।
सब्जीवाला, ठेलेवाले को कुछ न कहना।
पता नहीं कब कौन एम-एल-ए या सी-एम बन जाए।
और इसी बात पर चाय पर चर्चा हो जाए।
लात, घूंसा, थप्पड़, चला लड़का कुटा गया।
बूलडोजर चला, एफ आई आर हुआ, अंदर नपा गया।
अब लड़की कहे कि यह वह लड़का नही लगता, तो इससे मुझे क्या..!
अब कोर्ट कहे कि इस पर तो कोई केस नहीं बनता, तो इससे मुझे क्या..!
बडे़ से हॉल में हजरों लोग बुलाए जाते हैं, देश बन कर तालियां बजाने के लिए।
वास्तव में इस हॉल के बाहर भी एक देश है!
नौकरी को लम्बी-लम्बी कतार में लगा देश..!
फसल के दाम के लिए सड़को पर खडा़ देश..!
अपराध और भ्रस्टाचार बीच पडा़ यह देश..!
शिक्षा-चिकित्सा की समस्या से घिरा यह देश..!
ह्वाट्स ऐप यूनिवर्सिटी में पढ़ता हूँ।
कुर्सी के टांगों से चिपक कर रहता हूं।
गोदी मिडिया पर तारीफे कलाम सुन-सुन कर कान पकाता हूँ।
- शम्भु प्रसाद
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