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जंगल से गुजरते हुए

                
                                                         
                            जंगल से गुजरते हुए
                                                                 
                            
ईश्वर की नहीं अपने पूर्वजों की याद आई
ईश्वर और जंगल में बस इतना फर्क है
एक विराट है और दूसरा विस्तार

जंगल के मौन ने समझाया
संचित शब्दों का अपना एक संसार है
जंगल की गंध ने कहा
भटकने के लिए अक्खड़पन जरूरी है
-शालिनी मोहन
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9 महीने पहले

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