आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

ममता मां की

                
                                                         
                            इस शब्द का आज सही अर्थ बताते हैं ,
                                                                 
                            
जिस घर में हो मां उस घर को सजाते हैं।

जन्नत मां के कदमों में आकर चूम लो कदमों को,
मां ही वो माया जिसने जन्म दिया ममता को।
संतान की खातिर खुद को मिटा देती है,
मां ऐसी है जो संतान को जन्म देती है।

मां की ममता को परिभाषित करना बहुत कठिन,
यह स्नेह वो है जिसे बखान करना बहुत कठिन।

भगवान से भी बड़ा स्थान दिया जाता मां को,
जो रात भर जागकर स्तनपान कराती शिशु को।
नहलाती और गन्दगी साफ कर
स्वस्थ बनाती शिशु को।

खुद गीले में सोकर मां बच्चे को सूखे में सुलाती है,
इस ममता को क्या नाम दें ये ममता "मां की ममता" कहलाती है।

-शाहाना परवीन 'शान'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर