राजस्थान की माटी में महाराणा प्रताप हैं
इसमें साहस वीरता ईमानदारी का ताप है
यहां की माटी में राजपूती आन-बान शान है
चितौड़ चेतक हल्दी घाटी का यहीं मैदान है
अकबर की सेना हारी यहीं
इन वीरों से हिलती है मही
आओ, देखो दुनिया वालों! यह राजस्थान है
दिखता यहां वेद, रामायण गीता का ज्ञान है
वीरों के नसों में बहता रक्त नहीं स्वाभिमान है
शीष कभी झुका जो नहीं
है माटी वीरों की वही, यहीं
देते आए हम हिंदुस्तान के लिए बलिदान हैं
आओ देखो दुनिया वालों! यह हमारा राजस्थान है
हमसे हिंदुस्तान है
हमसे जहान है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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