छोटों को भी जीने दीजिए
उन्हें भी जीवन रस पीने दीजिए
कीजिए मत अत्याचार
कीजिए उनको प्यार
छोटे छोटे देशों पर, पूरा प्यार बनाए रखिए
करके प्यार का इजहार,संसार बचाए रखिए
रोकिये जैसे बने बमबारी को
बचाईए इस धरती प्यारी को
रोकिये रंगदारी
रोकिये गद्दारी
सारी अवनी है हमारी।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X