दूर देश से आए बादल।
ढेरों पानी लाए बादल ।।
कहीं पे भालू, कहीं पे बंदर,।
कहीं ऊंट हाथी बन जाते ।।
कहीं पे छन छन ,छन पैजनियां,।
कहीं पे ढपली ज़ोर बजाते।।
कहीं में धूल ,धूल धूसरित,।
कहीं नीले कहीं ,काले बादल।।
नाचे मोर कोयलिया गाए,।
पीहू पीहू पपिया शोर मचाए।।
कहीं परियों से पंख लगाए,।
कहीं गोरे कहीं ,काले काजल ।।
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