आओ री सखियों गीत गाएं आज मेरे भगत सिंह की शादी है।
तीन साथियों के संग चली बारात अंग्रेजों की लिखी बर्बादी है।
मेरी बहनों आओ चलें अब लाहौर की जेल में ये रची शादी है।
आओ री सखियों गीत गाए आज मेरे भगत सिंह की शादी है।
आज अंग्रेजों ने मां भारती के तीन लालो को बनाया दूल्हा है।
आज बहनों राजगुरु,सुखदेव सहित मेरा भगत बना दूल्हा है।
फिरंगी हुकूमत भूली,कलावा हाथ नहीं गर्दन पर डोर बांधी है।
आओ री सखियों गीत गाए आज मेरे भगत सिंह की शादी है।
मेरी बहनों देखो भगत की शादी मंडप में कैसा सजा झूला है।
23मार्च1931सांय 7:33 पर चले,अंग्रेजों की होनी बर्बादी है।
भगत सहित तीनों की चली बारात ब्याहने दूर देश में शादी है।
आओ री सखियों गीत गाए आज मेरे भगत सिंह की शादी है।
15अगस्त1947लौटी बारात उनकी दुल्हन का नाम आजादी है।
सखियों मेरे भगत का भारत में गूंजा गीत इंकलाब का शादी में।
आज बहनों भ्रष्टाचारऔर महंगाई से देश में चले दौर बर्बादी का।
आओ री सखियों गीत गाए आज मेरे भगत सिंह की शादी है।
देखो री सखियों आज भ्रष्ट नेता दिन भूले मेरे भगत की शादी का।
सत्या लिखता क्या पता था फांसी टूटने वाले क्रांतिकारी वीरों को।
देश में भ्रष्टाचारी और भ्रष्ट नेता लूट मचा यों मजा लेंगे आजादी का।
-सत्या
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