लोगों को तो चेहरे से प्यार होगा,
कोई सुंदर कहेगा, कोई बदसूरत कहेगा।
कोई टेढ़ी नाक पर सवाल उठाएगा,
कोई चौड़े माथे का मज़ाक बनाएगा।
कोई तुम्हारे रंग-रूप को तौलेगा,
कोई तुम्हारे चरित्र पर उँगली उठाएगा।
कोई तुम्हें बदचलन, कोई बेवफा कहेगा,
तो कोई तुम्हें वफ़ा की मिसाल कहेगा।
कोई हवस की नज़रों से तुम्हें देखेगा,
कोई तुम्हें सिर्फ़ जिस्म समझकर परखेगा।
कोई तुम्हारे दिल का हाल न जानेगा,
कोई तुम्हारे दर्द को भी न पहचानेगा।
जब थक जाओगी दुनिया को खुश करते-करते,
जब टूट जाओगी लोगों की बातें सुनते-सुनते।
जब दिल तुम्हारा उदास और परेशान हो जाएगा,
जब अपना ही वजूद तुम्हें अनजान नज़र आएगा।
तब चली आना मेरे पास,
लेकर अपने दिल के सारे एहसास।
यहाँ तुम्हें किसी सफ़ाई की ज़रूरत नहीं होगी,
तुम जैसी हो, वैसी ही तुम्हारी सूरत होगी।
मेरे लिए तुम सुंदर हो, राजकुमारी हो,
मेरे सपनों की परी, मेरी दुनिया सारी हो।
तुम मेरी यादों में, तुम मेरे ख़यालों में हो,
तुम मेरे दिल की हर एक धड़कन में हो
तुम मेरा मान हो, मेरा सम्मान हो,
मेरी ख़ुशी हो, मेरे दिल की पहचान हो।
तुम मेरी इबादत, मेरी पूजा का नाम हो,
मेरे लिए मंदिर-मस्जिद से भी बढ़कर सम्मान हो।
मैं अपनी हर खुशी तुम पर वार दूँगा,
तुम्हारे हर दर्द को अपना मान लूँगा।
मैं भले तुम्हारे लिए कुछ कर न पाऊँ,
पर तुम्हारे चेहरे पर मुस्कान लाने की दुआ कर जाऊँ।
कुछ देर ठहरना, मेरे पास बैठना,
मेरे दिल के अनकहे एहसास सुनना।
मैं आज भी तुम्हारी याद में खो जाता हूँ,
तुम्हारे ख़यालों में चुपके से रो जाता हूँ।
तुम अपने सारे दुःख-दर्द मुझे बताना,
दिल में छिपी हर बात मुझसे जताना।
मैं ख़ामोशी से तुम्हारी हर बात सुनूँगा,
तुम्हारे हर आँसू को दुआ में बुनूँगा।
तुम्हारे अधूरे सपनों को सजाने की कोशिश करूँगा,
तुम्हारी हर मुस्कान की वजह बनने की कोशिश करूँगा।
तुम्हारी राहों में खुशियों के फूल बिछाऊँगा,
तुम्हारे हर मुश्किल सफ़र में हौसला बन जाऊँगा।
तुम मुझे कभी याद न करना,
न मेरे लिए कोई फ़रियाद करना।
बस जब दुनिया में कोई अपना नज़र न आए,
जब भीड़ में भी ख़ुद को अकेला पाए।
जब हर रिश्ता तुम्हें बेगाना लगे,
जब अपना ही साया अनजाना लगे।
तब एक बार मुझे याद कर लेना,
मेरे दिल के दरवाज़े पर दस्तक दे देना।
मुझे तो जीना है तुम्हारी यादों के सहारे,
चाहे दिन हों उदास या रातों के अँधेरे।
मेरी हर दुआ में तुम्हारा नाम रहेगा,
मेरे दिल में तुम्हारा ही मुकाम रहेगा।
न कोई शर्त होगी, न कोई सवाल होगा,
तुम्हारे आने पर बस दिल का ख़याल होगा।
दुनिया चाहे तुम्हें कुछ भी कहती रहे,
मेरे दिल में तुम्हारा सम्मान हमेशा रहेगा।
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