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सिंदूर विजय गाथा

                
                                                         
                            भारत से गूंजी ललकार,
                                                                 
                            
सेना पहुंची सीमा के पार।
पाकिस्तान को पड़ी है मार,
आतंकियों की टूटी दीवार।।

भूलेंगे नहीं पाक के पाप,
सैनिकों का उठा प्रताप।
शत्रु का मिटाया संताप,
बाप तो रहे सदा ही बाप।।

दुश्मन का बंद हुका पानी,
पराक्रम ही हमारी निशानी।
शौर्य की यह अमर कहानी,
लिख दी सेना ने जो ठानी।।

भारतीय सेना है मजबूत,
मां भारती के ये वीर सपूत।
उतार दिया सिर चढ़ा भूत,
पाक रो-रो, दे रहा सबूत।।

पाकिस्तान ने भ्रांति थी पाली,
सेना ने गोली छाती में डाली।
सिंदूर की जो चढी है लाली,
दुश्मनों की हुई रात काली।।

मोदी की यह नीति अटल,
दुश्मन का टूटा सारा बल।
याद रखेंगा वह पल-पल,
छल पर उठेगा पाक दहल।।

रणभेरी बज उठी घनघोर,
शत्रु पाक का चला न जोर।
घर में घुसके मारा हर ओर,
नया भारत है, नया है दौर।।

भारतीय सेना पर गर्व अपार,
बैरी आतंकियों को दिया मार।
देश के सैनिक जीते बारंबार,
सिंदूर विजय की जय जयकार।।
-सपना सी.पी. साहू 'स्वप्निल'
 
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एक वर्ष पहले

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