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कह नहीं सकते

                
                                                         
                            बेबाक सफर में चल तो रहे हैं,
                                                                 
                            
मन्ज़िल मिलेगी ये कह नहीं सकते।

भविष्य के लिए योजनाएं निर्मित तो कर रहे हैं,
वो क्रियान्वित होगी ये कह नहीं सकते।

जीवन का लक्ष्य साध तो लिया है,
अर्जुन की भांति बेध पाएंगे ये कह नहीं सकते।

सांसे चल तो रही हैं,
कब तक चलेगी ये कह नहीं सकते।

अंत में अगर है सब अनिश्चित तो निश्चित क्या??
उत्तर- ये कह नहीं सकते।


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6 वर्ष पहले

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